नई दिल्ली: बीजेपी शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा विवादित बयान देने का सिलसिला थम नहीं रहा है. पहले त्रिपुरा के सीएम ने महाभारत काल में इंटरनेट के होने की बात कहकर सुर्खियां बंटोरी थी, वहीं अब उत्तर-प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने महाभारत काल से पत्रकारिता की शुरुआत की बात कहकर नया विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने कहा कि पौराणिक पात्रों ‘संजय’ और ‘नारद’ को वर्तमान समय में सीधे प्रसारण और गूगल से जोड़कर देखा जा सकता है. दिनेश शर्मा ने यह बात हिंदी पत्रकारिता दिवस पर आयोजित एक समारोह में यह बात कही.
उन्होंने कहा कि भारत में तो पत्रकारिता सदियों पूर्व महाभारत के काल में ही शुरू हो गई थी. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इतना ही नहीं मोतियाबिंद का ऑपरेशन, प्लास्टिक सर्जरी, गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत, परमाणु परीक्षण और इंटरनेट जैसी तमाम आधुनिक प्रक्रियाएं पौराणिक काल में ही शुरू हुई थीं. दिनेश शर्मा अपने संबोधन में कहा कि महाभारत काल में युद्ध के दौरान संजय द्वारा धृतराष्ट्र को महल में बैठे-बैठे युद्ध के मैदान का आंखों देखा हाल सुनाया जाता था.
यह आज के समय टीवी पर होने वाला सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) नहीं है तो और क्या है. आज जिस गूगल को आप लोग हर विषय के जानकार के रूप में जानते हैं, महाभारत काल में यह काम नारद मुनि करते थे. वह कभी भी, कहीं भी पहुंच जाते थे और हर समस्या का समाधान कर देते थे. वह भी केवल तीन बार नारायण-नारायण, बोलकर.
वह पल भर में ही कोई भी संदेश कहीं भी पहुंचा देते थे. उन्होंने कहा कि हमें अपने गौरवशाली अतीत को कभी नहीं भूलना चाहिए. इस मौके पर उप मुख्यमंत्री ने देश में प्रेस की आजादी की सराहना की और कहा कि सरकारों को मीडिया के लोगों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होना चाहिए. (इनपुट भाषा से)
उन्होंने कहा कि भारत में तो पत्रकारिता सदियों पूर्व महाभारत के काल में ही शुरू हो गई थी. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इतना ही नहीं मोतियाबिंद का ऑपरेशन, प्लास्टिक सर्जरी, गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत, परमाणु परीक्षण और इंटरनेट जैसी तमाम आधुनिक प्रक्रियाएं पौराणिक काल में ही शुरू हुई थीं. दिनेश शर्मा अपने संबोधन में कहा कि महाभारत काल में युद्ध के दौरान संजय द्वारा धृतराष्ट्र को महल में बैठे-बैठे युद्ध के मैदान का आंखों देखा हाल सुनाया जाता था.
यह आज के समय टीवी पर होने वाला सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) नहीं है तो और क्या है. आज जिस गूगल को आप लोग हर विषय के जानकार के रूप में जानते हैं, महाभारत काल में यह काम नारद मुनि करते थे. वह कभी भी, कहीं भी पहुंच जाते थे और हर समस्या का समाधान कर देते थे. वह भी केवल तीन बार नारायण-नारायण, बोलकर.
वह पल भर में ही कोई भी संदेश कहीं भी पहुंचा देते थे. उन्होंने कहा कि हमें अपने गौरवशाली अतीत को कभी नहीं भूलना चाहिए. इस मौके पर उप मुख्यमंत्री ने देश में प्रेस की आजादी की सराहना की और कहा कि सरकारों को मीडिया के लोगों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होना चाहिए. (इनपुट भाषा से)
Source:-NDTV
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