गया: बिहार के गया में डॉक्टर दंपति गैंगरेप मामले में पीड़िता के साथ प्रर्दशन करने वाले आरजेडी नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. मगध मेडिकल थाना के कांड संख्या 130/18 में अभियुक्त बनाए गए हैं. ये प्राथमिकी जुवेनाइल जस्टिस के तहत की गई है. साथ ही आरजेडी नेताओं पर जबरदस्ती की धारा 114, 147, 353, 228A, और IPC 74 JJ के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
इस मामले में राजनीति करने के लिए कुछ आरजेडी नेताओं ने मेडिकल टेस्ट के लिए पीड़िता को ले जा रही पुलिस की गाड़ी को रोककर प्रर्दशन किया था, जबरदस्ती पीड़िता से मुलाकात की थी, पीड़िता के साथ फोटो भी खिंचवाई थी और नारेबाजी की थी. पीड़िता के बारे में एसएसपी ने कहा है कि पीड़िता अभी भी सही स्थिति नहीं है. जल्दी बात करने को तैयार नहीं होती है. पहचान उजागर ना हो इसलिए वो एफआईआर नहीं करवाना चाहती थी. काफी काउसंलिंग के बाद एफआईआर के लिए तैयार हुई है.
साथ ही एसएसपी ने ये भी कहा है कि पीड़िता या किसी भी संबंधित व्यक्ति की पहचान ना जाहिर की जाए. उसके गांव, स्कूल या पड़ोसियों का नाम ना उजागर किया जाए जिससे उसकी पहचान का पता चले. इस मामले में आलोक मेहता के अलावा आरजेडी महिला सेल की अध्यक्ष आभा लता, बेलागंज विधायक सुरेंद्र प्रसाद यादव, आरजेडी जिलाध्यक्ष निजाम आलम, जिला महिला अध्यक्ष सरस्वती देवी पर नामजद प्राथमिकी दर्ज हुई है.
पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. कई थानों की पुलिस ने मिल कर छापेमारी कर 10 लोगों को हिरासत में लिया है.तीन आरोपियों को पकड़ा गया है. अब दोनों लोगों से पुलिस पूछताछ कर अन्य लोगों को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है.पीड़िता के पिता ने मामले में दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग है.
Source:-ZEENEWS
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इस मामले में राजनीति करने के लिए कुछ आरजेडी नेताओं ने मेडिकल टेस्ट के लिए पीड़िता को ले जा रही पुलिस की गाड़ी को रोककर प्रर्दशन किया था, जबरदस्ती पीड़िता से मुलाकात की थी, पीड़िता के साथ फोटो भी खिंचवाई थी और नारेबाजी की थी. पीड़िता के बारे में एसएसपी ने कहा है कि पीड़िता अभी भी सही स्थिति नहीं है. जल्दी बात करने को तैयार नहीं होती है. पहचान उजागर ना हो इसलिए वो एफआईआर नहीं करवाना चाहती थी. काफी काउसंलिंग के बाद एफआईआर के लिए तैयार हुई है.
साथ ही एसएसपी ने ये भी कहा है कि पीड़िता या किसी भी संबंधित व्यक्ति की पहचान ना जाहिर की जाए. उसके गांव, स्कूल या पड़ोसियों का नाम ना उजागर किया जाए जिससे उसकी पहचान का पता चले. इस मामले में आलोक मेहता के अलावा आरजेडी महिला सेल की अध्यक्ष आभा लता, बेलागंज विधायक सुरेंद्र प्रसाद यादव, आरजेडी जिलाध्यक्ष निजाम आलम, जिला महिला अध्यक्ष सरस्वती देवी पर नामजद प्राथमिकी दर्ज हुई है.
पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. कई थानों की पुलिस ने मिल कर छापेमारी कर 10 लोगों को हिरासत में लिया है.तीन आरोपियों को पकड़ा गया है. अब दोनों लोगों से पुलिस पूछताछ कर अन्य लोगों को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है.पीड़िता के पिता ने मामले में दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग है.
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